Rajat Kumar

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ट्रांसिट 2025

ट्रांसिट 2025 ट्रांसिट 2025:- मई 2025 के Transit जानने से पहले यह  जानना जरूरी है की आखिर ये Transit होता क्या है?आप मे से बहुत सारे लोग ऐसे होंगे जो ये नहीं जानते होंगे की Transit के बारे मे जानना आपको काफी Help कर सकता है इसलिए सबसे पहले ये जानना जरूरी है की ट्रांसिट क्या है?, यह क्या करता है और इससे जीवन पर असर कैसे  पड़ता है? या इससे हमे फायदा कैसे हो सकता है?   इसके बारे मे पूरी जानकारी नीचे दी गई है और मई 2025 के Transit के बारे मे भी बताया गया है तो इस जानकारी को बहुत ध्यान से समझे | ट्रांसिट क्या होता है? सबसे पहले ये जन ले की मई 2025 मे अभी तक काफी ट्रांसिट हुए है और आगे भी होंगे यहाँ  पर ट्रांसिट क्या होता है यह बताया गया है :- जब कोई ग्रह अपने स्थान से चलकर किसी दूसरी राशि मे प्रवेश करता है इसे English मैं Transit और हिन्दी मैं गोचर कहते है, जब किसी की जन्म कुंडली मे स्थित ग्रहों के ऊपर से कोई ग्रह गुजरता है, तो उसे गोचर (Transit) कहा जाता है | ये गोचर जिस व्यक्ति की राशि मे होता है उसके जीवन पर असर डालता है – जैसे स्वास्थ्य, Career, रिश्ते, धन आदि |  उदाहरण:- अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा कर्क ( Cancer ) राशि मे है | और वर्तमान मे शनि कुम्भ राशि में आ गया है- तो यह शनि का गोचर है और देखा ये जाएगा की शनि का गोचर चंद्रमा से कितने स्थान पर है ?, अगर शनि चंद्रमा से 12, 1, या 2 गोचर कर रहा है, तो इसे साढ़े साती कहा जाएगा, जो जीवन में कुछ चुनौतियाँ ल सकता है | ट्रांसिट 2025 ग्रह का प्रभाव शुभ होता हा अशुभ ? ग्रह का प्रभाव शुभ  होगा या अशुभ ये पूरे तरीके से निर्भर करता है – वह ग्रह कौन सा है शुभ है या अशुभ है | वह किस भाव मे गोचर कर रहा है | व्यक्ति की जन्म कुंडली के ग्रहों से उसका संबंध कैसा है ? (दृष्टि, युति आदि ) ट्रांसिट 2025 को जानना जरूरी क्यों है? जीवन के कोन से क्षेत्र मे क्या बदलाव आने वाला है  कब सतर्क रहने की आवश्यकता है  कौन सा उपाये करना फायदेमंद रहेगा  कौन से ग्रह फायदा देंगे और कब? गोचर का सही विश्लेषण आपको भविष्य की तैयारी करने मे मदद करता है | इस विषय के बारे मे जानने के लिए संपर्क करे The Astrology Academy of India  और दुनिया को एक अलग नजरिए से देखे सब कुछ कितना आसान और आपके सामने होता है, जरूरत होती है तो बस एक सही राह की | साल 2025 के आने वाले कुछ महत्वपूर्ण ग्रह गोचर (Transit) :- 14th मई 2025 गुरु (Jupiter) का मिथुन राशि मे प्रवेश:- गुरु भाग्य, ज्ञान, और विस्तार का ग्रह है | जब भी गुरु मिथुन राशि मे आता है तो, शिक्षा, बुद्धि, संचार, और Social Media से जुड़े क्षेत्रों मे तेजी आती है | ऐसा होने पर लोग सीखने, पड़ने, और बोलने मे आगे  बढ़ते है |  प्रभाव: पढ़ाई, Online Course, Social Media मे ग्रोथ लेखन, मार्केटिंग, और डिजिटल स्किल्स वालों के लिए अच्छा समय भाग्य, और अवसर बढ़ेंगे 14 मई 2025 ट्रांसिट का राशियों पर प्रभाव:- मेष (Aries) बातचीत से लाभ मिलेगा और सोशल कनेक्शन मे विस्तार होगा | वृषभ (Taurus) आत्मविश्वास मे वृद्धि होगी और धन लाभ होगा | मिथुन (Gemini) भाग्य खुलने का समय है कर्क (Cancer) आत्मिक शांति और अंदरूनी बदलाव | सिंह (Leo) बड़े कनेक्शन बनेंगे और नए दोस्त भी बनेंगे | कन्या (Virgo)  करियर मे नई ऊंचाइयां मिलेगी | तुला (Libra) उच्च शिक्षा के अवसर, विदेश यात्रा | वृश्चिक (Scorpio) धन लाभ, छुपी हुई संपत्ति मिलेगी | धनु (Sagittarius) विवाह, पार्टनरशिप मे ग्रोथ |   मकर (Capricorn) सेहत और जीवनशैली मे सुधार | कुम्भ (Aquarius) प्रेम मे उन्नति | मीन (Pisces) नई प्रॉपर्टी का योग राहू और केतु ट्रांसिट 2025 राहु कुंभ और केतु सिंह में – 18 मई 2025 राहु अब कुंभ में और केतु सिंह में – ये ट्रांज़िट समाज, विज्ञान और राजनीति में बड़ा बदलाव लाएंगे।• AI, सोशल इनोवेशन का युग• राजनीति और शोबिज़ में उथल-पुथल• केतु अहंकार तोड़ेगा, आत्म-जागरूकता बढ़ाएगाअगले 18 महीने विचारों और जुड़ाव की नई दिशा देंगे। राहू और केतु ट्रांसिट 2025 का राशियों पर प्रभाव मेष (Aries)सामाजिक पहचान और कनेक्शन में बड़ा बदलाव संभव है। पुराने संबंध टूट सकते हैं, नए जुड़ सकते हैं। अपनी छवि को लेकर सतर्क रहें। वृषभ (Taurus)करियर में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। वरिष्ठों से मतभेद संभव हैं। संयम और स्थिरता से काम लें। मिथुन (Gemini)विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा के अवसर बन सकते हैं। जो लंबे समय से प्रयासरत थे, उन्हें सफलता मिल सकती है। कर्क (Cancer)गुप्त लाभ के योग हैं। परिवार से जुड़ी कोई पुरानी सच्चाई सामने आ सकती है। भावनात्मक संतुलन रखें। सिंह (Leo)रिश्तों में अहं का टकराव हो सकता है। समझदारी से बात करें, तभी संबंध मधुर बने रहेंगे। कन्या (Virgo)सेहत को लेकर सावधानी रखें। दिनचर्या में योग और पौष्टिकता लाने से लाभ होगा। तुला (Libra)प्रेम संबंधों में गलतफहमियां हो सकती हैं। खुलकर संवाद करें और संतुलन बनाए रखें। वृश्चिक (Scorpio)घर-परिवार में बदलाव के संकेत हैं। स्थान परिवर्तन या नया अध्याय संभव है। धनु (Sagittarius)निवेश और बड़े निर्णयों में जल्दबाज़ी से बचें। सोच-समझकर कदम उठाएं। मकर (Capricorn)परिवार की ज़रूरतों को समझें और समय दें। इससे रिश्ते मजबूत होंगे। कुंभ (Aquarius)अपने दृष्टिकोण और सोच में बदलाव लाएं। यही आत्मविकास की दिशा होगी। मीन (Pisces)ध्यान और आत्मिक उन्नति की ओर झुकाव रहेगा। यह समय आंतरिक शांति पाने का है।   शनि का गोचर 2025: 24 मई को मेष राशि में प्रवेश का असर सभी राशियों पर शनि 30 वर्षों बाद मेष राशि में आया है। अब समय है आत्मनिर्भर बनने का। जो मेहनत करेगा, उसे ही फल मिलेगा।• नया कर्म चक्र शुरू• जिम्मेदारी खुद उठानी होगी• आलसी और गैर-जिम्मेदार लोगों को कठिनाइयाँयह ट्रांज़िट अनुशासन और आत्मबल की परीक्षा लेने वाला है।इसका राशियों पर प्रभाव:- मेष (Aries)सबसे अधिक जिम्मेदारी आप पर आ सकती है। यह समय आत्म-नियंत्रण और नेतृत्व क्षमता दिखाने का है। वृषभ (Taurus)अकेले समय बिताकर खुद को बेहतर समझने का अवसर

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मूलांक

क्या मूलांक और भाग्यांक एक ही है?

क्या मूलांक और भाग्यांक एक ही है ? हर व्यक्ति चाहता है की उसकी जिंदगी मे सफलता मिले, सुख हो, और एक सही दिशा हो-लेकिन कभी सोचा है की आपका जन्म तारीख आपको यह दिशा दे सकते है? आपने सही सोचा हम बात कर रहे है Vedic Numerology, यनि के अंकशास्त्र की, जिसमे आपके मूलांक और भाग्यांक आपके जीवन के नक्शे जैसे होते है अगर आपको भी ऐसा लगता है की मूलांक और भाग्यांक एक ही है? तो ये blog आपके काफी काम आने वाला है |  मूलांक क्या होता है? आपमे से बहुत लोग यह जानते है लेकिन जिनको नहीं पता उनको मै  बता दूँ की | मूलांक आपकी Date of birth को जोड़कर जो अंक प्राप्त होता है उसे बोलते है | यह अंक व्यक्ति की प्रकृति, उसके स्वभाव, उसकी जीवनशैली से जुड़ी बातों को समझने के लिए उपयोग उपयोग मे आता है | जैसे :- अगर किसी व्यक्ति का जन्म 21 तारीख को हुआ है तो:- 2 + 1 = 3 तो उनका मूलांक 3 है मूलांक किसी  व्यक्ति की कमजोरीयों, उसकी शक्तियों,  उसके स्वभाव, उसकी जन्मजात प्रतिभाओं और प्रवृत्तियों को प्रकट करता है | हर नंबर का एक Ruling Planet होता है, जैसे :- 1 = सूर्य (Sun)-जन्मजात नेता: – Leadership Quality आपके अंदर Natural होती है| आप स्वतंत्र रहना पसंद करते हो | आप Ambitious और Decision Maker हो | सूर्य (Sun) का प्रभाव आपको चमकाता है और आपको Ego भी देता है | 2 = चंद्र (Moon)-शांति निर्माता और राजनयिक: – आप Sensitive, Caring और Cooperative हो, संबंधों मे Balance बनाकर रखते हो | चंद्र (Moon) की Energy से आपकी भावनात्मक बुद्धि (Emotional Intelligence) मजबूत होता है | 3 = गुरु (Jupiter)-संचारक और मार्गदर्शक: –  आप रचनात्मक (Creative) हो लोगों का मार्गदर्शन (Guide) करने और प्रेरित (Motivate) करने की प्रतिभा आपके अंदर है | गुरु (Jupiter) से मिला Optimism आपको स्वाभाविक रूप से प्रेरणादायक बनाता है | 4 = राहू (Rahu)-मेहनती: – आप Practical हो, सबसे हटके सोच है आपकी और आप अनुशासन मे विश्वास रखते हो | राहू के प्रभाव की वजह से आप थोड़ा Unpredictable और बागी भी होते हो | 5 = बुध (Mercury)-साहसी बोलनेवाला: – आप Bold, Expressive और बदलाव प्रेमी है | आपको उकसाहट (Boredom) बिल्कुल पसंद नहीं है | बुध (Mercury) की ऊर्जा से आप संवाद के मास्टर होता है | 6 = शुक्र (Venus)-चिकित्सक और देखभालकर्ता: – आपको सभी को प्यार देना, सभी को संरक्षण करना और सुंदरता से अपनी जिंदगी जीना पसंद है | संबंधों को आप पहली प्राथमिकता देते हो | शुक्र (Venus) की ऊर्जा आपको परिवार का प्रिय बनती है और आपको आकर्षक बनती है 7 = केतु (Ketu)-विचारक और रहस्यवादी: –  आप आध्यात्मिक, विश्लेषणात्मक और Inward-looking हो, आप हर चीज को गहरे अर्थ में समझना चाहते हो | केतु का प्रभाव आपको अलगाववादी और प्राकृतिक बनाता है | 8 = शनि (Saturn)-कर्म योगी: – आप अनुशासन प्रिय है, आप महत्वाकांक्षी और जीवन की चुनौतियों का सामना करने वाले है | शनि (Saturn) से जुड़ी ऊर्जा आपको और जिम्मेदार बनाती है | शनि की ऊर्जा आपको Strong बनती है | 9 = मंगल (Mars)-योद्धा और दाता: –  आप ऊर्जावान, बहादुर और दूसरों के लिए लड़ने वाले है | आपको स्वार्थहीन सेवा करना पसंद है | मंगल (मार्स) का प्रभाव आपको क्रियाशील और थोड़े उतावला बनाता है | भाग्यांक क्या होता है ? भाग्यांक के बारे मे काफी कम लोग जानते है , कई लोग भाग्यांक को  Lucky No. समझ लेते है लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की भाग्यांक Numerology में आपकी जन्म तारीख + महीना + साल इन सबको जोड़कर जो अंक प्राप्त होता है उसे बोलते है | यह मूलांक से अलग होता है, जो सिर्फ जन्म तारीख को जोड़कर प्राप्त होता है | भाग्यांक आपके जीवन मे आने वाली चुनौतियों, जीवन मे मिलने वाले अवसरों और जीवन यात्रा को दर्शाता है जबकि मूलांक व्यक्तिगत विशेषताओं को दर्शाता है | जैसे :- अगर किसी व्यक्ति का जन्म 21 जनवरी 2001 को हुआ है तो (Date of birth + Month + year) 2+1+0+1+2+0+0+1+= 7 यनिके व्यक्ति का भाग्यांक 7 है हर भाग्यांक का जीवन पर अलग अलग प्रभाव होता है हर भाग्यांक का जीवन पर अलग अलग प्रभाव होता है | ( 1 – 9 ) हर व्यक्ति का भाग्यांक उसके जीवन मे आने वाले अवसरों, संघर्षो, और सफलताओ के रास्ते को दर्शाता है | यह अंक आपके जीवन का वो नक्शा है, जो आपके जन्म के साथ ही तय हो चुका होता है | भाग्यांक का प्रभाव आपके Career की दिशा, रिश्तों की मजबूती, आध्यात्मिक प्रव्रती, आपकी आंतरिक इच्छाओं और डर पर भी पड़ता है | उदाहरण:- भाग्यांक 1    जन्मजात लीडर, अग्रणी, आत्मविश्वासी | भाग्यांक 2    भावनात्मक, सामंजस्यपूर्ण, संबंधों मे कुशल भाग्यांक 3    रचनात्मक, उत्साही, शिक्षा व कला मे रुचि भाग्यांक 4    व्यवस्थित, मेहनती, व्यावहारिक नजरिया भाग्यांक 5    परिवर्तनशील, रोमांचप्रिय, संवाद में निपुण भाग्यांक 6    सौंदर्यप्रिय, प्रेममय, समाज की सेवा मे रुचि भाग्यांक 7    रहस्यमयी, आत्मविश्लेषी, आध्यात्मिकता की ओर झुकाव भाग्यांक 8    कर्मशील, संघर्षशील, प्रबंधन में दक्ष भाग्यांक 9    सेवा भावी, नेतृत्वकारी, बलिदान देने वाले कुछ Interesting Numerology Tips अगर आपका मूलांक और भाग्यांक Same है, तो आपका Life Path और Personality Perfectly Aligned होता है | ऐसे लोग अपनी पहचान आसानी से बना लेते है | अगर अलग अलग होते है, तो आपको अपनी Inner Self और Destiny के बीच Balance बनाना पड़ता है | ऊपर बताए गए तरीकों से आप खुद भी अपना और अपने जानने वालों का मूलांक और भाग्यांक पता कर सकते है और उनको भी बताकर हैरान कर सकते है, अगर आप मूलांक, भाग्यांक या फिर Astrology के बारे मे जानना चाहते है या इसको सीखना चाहते है तो आप  ASTROLOGER RAJAT KUMAR   से संपर्क कर सकते हैं | The Astrology Academy of India – जुड़े हमारे साथ दुनिया को एक अलग नजरिए से देखने के लिए | 

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राहू – मैं सिर्फ ग्रह नहीं एक परीक्षा हूँ

राहू का मायाजाल – कैसे बचें गलत रिश्तों से

राहू का मायाजाल – कैसे बचे गलत रिश्तों से राहू का मायाजाल कभी आपने सोचा है की आखिर हम क्यों गलत लोगों पर भरोसा कर लेते है और बाद मे हमे बहुत पछताना पड़ता है| हम उस समय  कुछ नहीं कर पाते, बस यही सवाल मन मे आता है की, क्यों हम गलत लोगों पर भरोसा करते है या मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ | पर कभी इस सवाल के जवाब को ढूँढने का प्रयास नहीं करते है| यह सब राहू के मायाजाल के परिणाम होते है| मायावी राहू आपकी इच्छायों को बड़ाता है, और जोअसलियत मे Exist ही नहीं करते है उन सपनों की तरफ आपको आकर्षित करता है | व्यक्ति सामने वाले के बाहरी आकर्षण को सच मानकर उसके असली व्यक्तित्व को पहचान नहीं पाता है  राहू – मैं सिर्फ ग्रह नहीं एक परीक्षा हूँ ज्यादा चमकने वाली चीज जरूरी नहीं है की कीमती भी हो, मैं राहू हूँ, मैं illusion मे डालता और वो चीजे दिखाता हु जो जो तुम चाहते हो, लेकिन देता वो हु जो तुम deserve करते हो | लोगों का आना और जाना   जिंदगी मे आप बहुत लोगों से मिलते है कुछ को याद रखते है और कुछ को भूल भी जाते है आजकल के tension से भरे माहौल मे अकेले रहना कठिन सा  लगता है  और फिर हम कुछ लोगों को चुनते है, हम उनके साथ रहना चाहते है और हम उनके लिए सबकुछ करते है जिससे उनको help हो | लेकिन हमे बदले मे धोखा मिलता है life मे पहले ही हम फसे हुए है और ये सब होता है तो एक बार को ऐसा भी लगता है आखिर ऐसा क्यों हुआ मेरी क्या गलती थी, मेने आखिर क्या किया, और हम खुदसे और जिंदगी से सवाल करते करते कब negative हो जाते है और खुदसे भी नफरत कर लेते है, सवाल वही! कभी ये पता नहीं करते की ऐसा क्यों हुआ ? अगर आपको भी जानना है, ऐसा क्यों होता है तो आगे इसकी जानकारी Detail मे बताई गई है, अगर आप इसके बारे मे और ज्यादा जानना चाहते है तो आप  Astrologer Rajat Kumar  से  संपर्क कर सकते है या फिर आप हमे Comment  मे भी अपने सवाल पूछ सकते है   राहू एक छलावा   राहू का स्वभाव ही है छल | छल से भरे राहू के प्रभाव की वजह से ही आप दुनिया की चकाचौॅन्द मे खो जाते है | जब भी जिंदगी में confusion, लालच, या अनहोनी हो तो समझ जाना राहू अपना मैजिक दिखा रहा है  राहू कोई physical planet नहीं है यह एक shadow energy है जो आपको भ्रमित करती है | यह हमे  ऐसे सपने दिखाता है जिनका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं होता है | जल्दी कामयाबी मिल जाए, एक रात मे सारी उपलब्धियां हासिल हो जाए | रातोरात अमीर हो जाउ | मूलांक 4 पर राहू का मायाजाल जिन लोगों का मूलांक 4 होता है (जन्मतिथि :- 4, 13, 22, 31) वो लोग राहू से direct associated होते है| Numerology के हिसाब से, मूलांक 4 वालों की personality राहू से काफी हद तक मिलती जुलती होती है| मूलांक 4 वाले लोगों को जल्दी सफलता चाहिए होती है, ये लोग सपनों की दुनिया मे जीते है, ऐसी चीजों की ख्वाहिशें करते है जिनका मिलना या होना संभव नहीं होता है, ये बहुत जिद्दी स्वभाव के होते है | ये लोग फैसले लेने मे बहुत जल्दबाजी करते है और अपने लिए गए फैसलों पर टिकते नहीं है| इसलिए इनके साथ सबसे ज्यादा धोखे होते है ओर अपने लिए गए गलत फैसलों की वजह से इनको काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है honestly देखोगे और अपनी असली जरूरतों को समझोगे तो राहू का मायाजाल आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा | आप उस पर काबू पा लोगे, हालांकि ऐसा बहुत कम लोग ही कर पाते है|   राहू कभी भी आपको यह feel होने नहीं देगा की आप गलत हो, वो हमेशा यह feel करवाएगा की सामने वाला गलत है, पूरी दुनिया ही गलत है और आप बिल्कुल ठीक हो | यह सबसे खतरनाक illusion है | मूलांक 4 वालों पर राहू के मायाजाल का असर वास्तविकता और भ्रम मे उलझने | अपने जिद्दी व हठीले स्वभाव की वजह से इनकी growth मे रुकावट आती है| जिंदगी मे अचानक से उतार-चड़ाव आते है भावनात्मक रूप से ये काफी बार विश्वासघात का शिकार होते है | कभी खुशी कभी गम ( राहू का प्रभाव राशियों पर )            1.मेष (Aries):- सकारात्मक प्रभाव:- साहसिक और निडर फैसले |             नकारात्मक प्रभाव:- गुस्से मे गलत झगड़ों मे फसना |   वृषभ (Taurus):- सकारात्मक प्रभाव:- भौतिक उपलब्धियां और ऐशों आराम |                  नकारात्मक प्रभाव:- हर चीज को पाने की लालसा, आधिकारिक भावना |   मिथुन (Gemini):- सकारात्मक प्रभाव:- बातचीत मे काफी समझदार, प्रौद्योगिकी (Technology) और मीडिया मे तरक्की |             नकारात्मक प्रभाव:- हर चीज को लेकर overthinking करना, दोहरा व्यक्तित्व |   कर्क (Cancer):- सकारात्मक प्रभाव:- अंतर्ज्ञान शक्ति मे वृद्धि |             नकारात्मक प्रभाव:- भावनात्मक अस्थिरता, उदासी की तरफ झुकाव अधिक |   सिंह (Lio):- सकारात्मक प्रभाव:- नेत्रत्व क्षमता, प्रसिद्धि को बड़ाता |             नकारात्मक प्रभाव:- अहंकार और घमंड बर्बादी का कारण बन सकते है |   कन्या (Virgo):-  सकारात्मक प्रभाव:- Analytical क्षमता को बड़ाता है |             नकारात्मक प्रभाव:- Anxiety और हर चीज मे जरूरत से ज्यादा perfection की चाह |   तुला (Libra):-  सकारात्मक प्रभाव:- व्यापार मे अचानक से लाभ मिलना |             नकारात्मक प्रभाव:- संबंधों मे धोका और विश्वासघात |   वृश्चिक (Scorpio):- सकारात्मक प्रभाव:- छुपी हुई प्रतिभा के कारण प्रसिद्धि |               नकारात्मक प्रभाव:- छुपे हुए दुश्मन से खतरा और घोटाले मे फसने का डर |   धनु (Sagittarius):-  सकारात्मक प्रभाव:- देश विदेश की यात्रा करने के अवसर मिलना |             नकारात्मक प्रभाव:- ढोंगी गुरु और fake philosophies के चक्कर में पड़ना |   मकर (Capricorn):-  सकारात्मक प्रभाव:- career में unexpected सफलता मिलना |             नकारात्मक प्रभाव:- काम में डूबे रहने की प्रव्रती के कारण स्वास्थ्य को हानी पहुंचाना |   कुम्भ (Aquarius):- सकारात्मक प्रभाव:- रचनात्मक विचार और invention का chance |             नकारात्मक प्रभाव:- अकेलापन, असली जिंदगी से हमेशा कटे कटे रहना |   मीन (Pisces):- सकारात्मक प्रभाव:- आध्यात्मिक विकास |             नकारात्मक प्रभाव:- परिवारवाद और ऐसे सपनों

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राज योग

क्या आपकी कुंडली मे राज योग है ?

क्या आपकी कुंडली मे राज योग है ?   क्या आप की भी कुंडली मे राजा बनने के भाग्यशाली योग है ?🤑  इससे पहले ये जान ले की राज योग होता क्या है :     वैदिक Astrology में  राज योग एक ऐसा योग है जिसके आने के बाद  आपकी किस्मत को गंगू तेली से राजा भोज  बना देती है | धन, संपत्ति, वैभव, शान, समाज में ऊंचा पद यह सब आपको ऐसे मिलता ही जैसे ये आपके लिए ही बना हो | साधारण व्यक्ति को असाधारण बना देता है, व्यक्ति का समाज मे काफी  बोलबाला होता है, व्यक्ति ऊंचे पदों पर पहुँचता है और धन की देवी लक्ष्मी की कृपया उसपर बनी रहती  है| अगर आपकी भी कुंडली मे राजयोग का निर्माण होता है तो आप कोई साधारण व्यक्ति नहीं है| राज योग को योगों का राजा भी कहा जाता है क्योंकि सबसे ज्यादा आपकी किस्मत इसी योग मे बदलती है और सबसे जल्दी तरक्की भी इसी योग मे मिलती है| लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति को कर्म करना अति  आवश्यक होता है इसीलिए हर व्यक्ति को राज योग का फल नहीं मिलता  राज योग कब आपको सफलता देना शुरू करता है ?   राज योग का निर्माण आपकी कुंडली में तब होता है जब कुछ specific ग्रह certain position में बैठे हो, जैसे  त्रिकोण राज योग जब केंद्र स्थान (1st, 4th, 7th, 10th houses) के स्वामी और त्रिकोण स्थान   (1st, 5th, 9th houses) के स्वामी आपस मे युति  (conjunction) करे या एक दूसरे पर दृष्टि डाल रहे हो | या फिर एक दूसरे के घर मैं परिवर्तन योग बना रहे हो  गज केसरी योगजब गुरु  (Jupiter) चतुर्थ (4th),सप्तम (7th) या दशम  (10th) भाव मे चंद्र  (Moon) से  केंद्र मे स्थित होता है बुध आदित्य योग जब सूर्य  (Sun)और बुध  (Mercury) एक ही राशि मे या एक ही भाव मे युति   (conjunction) में हो जाते है  राज योग से अमीर व सफल बने लोगों के कुछ उदाहरण :-  आपको बता दे की  श्री नरेंद्र मोदी ( भारत के प्रधानमंत्री ) – राज योग : कुंडली में मेष और शनि दशम भाव मे, जो उन्हे कठोर परिश्रमी, नेतृत्व क्षमता वाला और जनसेवा के लिए समर्पित बनाता है| राज योग प्रभाव : राष्ट्रीय नेतृत्व, प्रभावशाली व्यक्तित्व, विदेशों मे सम्मान और जनहित मे निर्णय | रतन टाटा ( सबसे बड़ा उद्योगपति : कुंडली मे शुभ ग्रहों की केंद्र और त्रिकोण मे स्थिति, और गुरु व शुक्र का सहयोग धन योग : लगातार वृद्धि, सामाजिक प्रतिष्ठा, औद्योगिक साम्राज्य खाद्य करना – ये सभी धन और राज योग के लक्षण है  मुकेश अंबानी ( एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति ) : धन योग : कुंडली में 11 वें भाव मे शुक्र और सूर्य की स्तिथि, और 2 वें और 11 वें भाव मे मजबूत स्वामी राज योग :नाम, फेम, सत्ता के साथ के साथ decision -making में अद्वितीय शक्ति |   धीरूभाई अंबानी ( Reliance Founder ) – विशेष योग : कोई बहुत बड़ा ग्रह योग न होने पर भी चंद्रमा और ब्राहस्पति की युति, साथ मे मेहनत और दृष्टिकोण ने उन्हे शून्य से उचाईयों तक पहुंचाया यह दर्शाता है की कर्म + अनुकूल दशा भी योग जितना ही शक्तिशाली हो सकता है | अमिताभ बच्चन ( महानायक ) : राज योग : कुंडली में गुरु और चंद्र का गजकेसरी योग और केंद्र मे शुभ ग्रहों की युति | जीवन में उतार-चढ़ाव के बावजूद फिर से उचाइयों तक पहुंचपाना आसान नहीं होता लेकिन इन्होंने जीवन में उतार-चढ़ाव के बावजूद बुलंद उपलब्धियों को हासिल किया – Strong दशा + योग Activation का प्रमाण|  राज योग वाले ग्रह की दशा या अंतरदशा जब चल रही हो, तब उन ग्रहों को और मजबूत करना चाहिए जैसे : बुध-आदित्य योग हो, तो सूर्य और बुध दोनों को Strong बनाना जरूरी है हर राज योग वाले ग्रह का एक बीज मंत्र होता है: सूर्य: “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः”चन्द्र: “ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः”मंगल: “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”बुध: “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः”गुरु: “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः”शुक्र: “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः”शनि: “ॐ प्रां प्रीं प्रों सः शनैश्चराय नमः” राज योग तब और भी Effective होता है जब व्यक्ति उस ग्रह से जुड़ी सेवा करे : सूर्य के लिए : गरीबों को लाल वस्त्र, गुड़ दान करें और एक मुखी रुद्राक्ष या माणिक्य (Ruby) धारण करें | गुरु के लिए :  ब्राह्मण को भोजन करवाएं, पीला वस्त्र दान करें, हल्दी दान करें और पंच मुखी रुद्राक्ष या पुखराज ( Yellow Sapphire ) Note: रत्न धारण करने से पहले कुंडली का Analysis जरूर करवाएं | आज योग सिर्फ योग बनने से नहीं, उसको जीवन में लाना भी जरूरी है: सुबह जल्दी उठना, सूर्य को अर्घ् देना Meditation और Visualization से अपने लक्ष्य पे ध्यान केंद्रित रखना | कर्म और नीति : सबसे बड़ा उपाय है ( सत्कर्म और याची नीति )| राज योग वाले लोग जब धार्मिक, ईमानदार और सेवा भाव से जीते हैन, तभी वो योग योग पूरी तरह फल देने लगता है| राज योग का प्रभाव आपकी राशि पर :-    मेष (Aries) : नेतृत्व क्षमता, साहसी निर्णय, govt. Job या सेना मे ऊंचे पद के मिलने की संभावना (मंगल की मजबूत स्थिति के कारण राज योग विशेष फलदायी होता है। वृषभ (Taurus) : समाज मे मान-सम्मान, धन से संबंधित चीजों मे वृद्धि, व्यापार मे लाभ | (चंद्रमा और शुक्र की युति से विशेष राज योग बनता है मिथुन (Gemini) : राजनीति में या मीडिया मे उपलब्धियां, बुद्दिमता से फैसले लेना, वाक्पटुता | (बुध का बलवान होना जरूरी है ) कर्क (Cancer) : जनसेवा, समाज मे लोकप्रियता, नेतृत्व में भावुकता (चंद्रमा की जब शुभ दृष्टि होती ही तो राज योग प्रभावित होता है ) सिंह (Leo): आत्मविश्वासी, प्रशासनिक पदों मे वृद्धि, राजा की तरह जीवन (राशि मे सूर्य का मजबूत होना जरूरी है) कन्या (Virgo): निर्णय सोच समझकर लेना,  Advisory Committee में उच्च पद ( बुध के साथ शुक्र या गुरु का योग विशेष फल देता है)       तुला (Libra): आकर्षक, कूटनीति से कार्ये करना, न्यायप्रिय फैसले, कलात्मक क्षेत्र मे सफलता ( शनि और शुक्र की युति से विशेष फल प्राप्त होता है) वृश्चिक (Scorpio):

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